वृन्दावन 2 रैप लिरिक्स
(घोर सनातनी)
वृन्दावन 2 रैप लिरिक्स (घोर सनातनी) |
Rapper/Lyricist/Music/Mix/Master
@GHORSANATANI
Singer
@Lovenishkhatribhajans
वृन्दावन 2 रैप लिरिक्स
(घोर सनातनी)
श्यामा आन बसो वृन्दावन में
मेरी उम्र बीत गई गोकूल में
श्यामा आन बसो वृन्दावन में
मेरी उम्र बीत गई गोकूल में
तेरी दीद का मारा तरस रहा
बस तुम ही हो मेरे तन मन में
श्यामा आन बसो वृन्दावन में
मेरी उम्र बीत गई गोकूल में
हे श्यामा आया द्वार तेरे
सब अपनों को मैं खोकर
मुझे कठपुतली समझे कोई
तो कोई समझे जोकर
मैं सुबह शाम गुलामी करता
जैसे कोई नौकर
जिसको दिल से अपना माना
मार गया मुझे ठोकर
हे कान्हा तुझको हाल बताने
आया हूँ मैं रोकर
सब रिश्ते नाते झूठे है
मैं थक गया बोझ को ढोकर
मेरी कामयाबी जिन्हें चुभती
पीछे पड़ गए हाथ को धोकर
मुझे चैन मिलेगा कान्हा
अब तेरी गोद में ही सोकर
श्यामा आन बसो वृन्दावन में
मेरी उम्र बीत गई गोकूल में
श्यामा आन बसो वृन्दावन में
मेरी उम्र बीत गई गोकूल में
तेरी दीद का मारा तरस रहा
बस तुम ही हो मेरे तन मन में
श्यामा आन बसो वृन्दावन में
मेरी उम्र बीत गई गोकूल में
न बहन-भाई न दोस्त मुझे
सब पैसे का ही खेल
कुछ हंसकर गले लगाते है
पर दिल में उनके मैल
मुझे स्वार्थ के खेत में जोत रहे
जैसे कोलू का कोई बैल
हे कान्हा देखो फिर भी कैसे
सबकुछ रहा मैं झेल
हे कान्हा कर्ज से मुक्त करो
अब और न सह पाउँगा
मै सबसे दूर हुआ किन्तु
तुमसे दूर न रह पाउँगा
तुम खुद ही पढ़ लो मन मेरा
ना शब्द भी कह पाउँगा
मुझे गले लगा लो माधव
प्रेम नदी में बह जाउँगा
श्यामा आन बसो वृन्दावन में
मेरी उम्र बीत गई गोकूल में
श्यामा आन बसो वृन्दावन में
मेरी उम्र बीत गई गोकूल में
तेरी दीद का मारा तरस रहा
बस तुम ही हो मेरे तन मन में
श्यामा आन बसो वृन्दावन में
मेरी उम्र बीत गई गोकूल में
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